Love Poetry | अब फ़ोन फ्री है, फिर भी उसका कॉल नहीं आता

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Love Poetry In Hindi

एक जमाना था 

लाइन में लगकर

PCO से कॉल करती थी वो..

अब मोबाइल फ्री है तो भी 

वो मुझसे बात नहीं करती..


पता न कैसे भर जाता है 

दिलों में स्पेस कहीं

एक हम है कि मन हमारा

भरता नहीं आसानी से....

अब फ़ोन फ्री है, फिर भी उसका कॉल नहीं आता


मुझे याद है एक एक बातें

देखा है सफर चिठियों से मैसेंजर का

गलियों से बगीचों का...

मैं भूल जाने की सोचता हूँ

कि वो भूल गई हो शायद..

पर मैं भूलता नहीं 

ये मेरी एक कमजोरी है...


हम चाहते रहे जिसे

नोकिया के जमाने से

वो जमाने के साथ एंड्रॉयड हुई...

आंखे अब वो मिलाती नहीं 

जिसे चढ़ा के रखा था सर आंखों पे

जमाने के अपडेट में

एक हमारा ही कोई अपडेट नहीं....


कोई याद करता है

कोई याद करवाता है

मुहब्बत वालों की

अपनी अपनी कहानी है...

याद वही करता है

जिसने की हो बेहिसाब मुहब्बत

भूल जाये कोई आसानी से

फिर वो कोई मोह्हबत नहीं...


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